मौत की दहलीज पर थी, इलाज में देरी से जा सकती थी जान; उज्जैन रेप पीड़िता की कंडीशन पर क्या बोले डॉक्टर ?
सूत्रों ने बताया,”जब भी लड़की को होश आता है, तो वह अपनी मां और अपनी स्कूल यूनिफॉर्म (जो उसने बलात्कार के समय पहनी हुई थी) को याद करती है और फिर चीख-चीखकर रोने लगती है। घटना से उसे गहरा सदमा लगा है।

